
हेमंत नायक(लकी)मंडला मध्य प्रदेश
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
मंडला जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
एससी, एसटी रिजर्वेशन को सब कैटेगरी में वर्गीकृत
*मण्डला-* वरिष्ठ समाज सेवी व आदिवासी युवा नेता सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम ने कहा कि भारत देश के सभी बहुजन नेताओं, बुद्धिजीवियों और तमाम अधिकारी, कर्मचारियों को इस विषय पर विमर्श करना चाहिए।
हमारा मकसद आरक्षण को संरक्षित रखना नहीं बल्कि जातियों को समाप्त करना है। यदि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लागू हो गया तो यह समझ लीजिए कि आप जातिवाद के खिलाफ लड़ाई हार जाओगे। यह जाति को मजबूत करेगा।
आरक्षण एकमात्र हथियार है जिसके ऐवज में आपकी बातों को सुनने का विकल्प सरकारों और सामाजिक संगठनों के पास था। सरकार ने कोर्ट के माध्यम से आरक्षण के खिलाफ यह आख़िरी कील ठोककर जाति को मजबूत कर दिया।यदि एससी, एसटी कैटेगरी से सक्षम लोग बाहर हो गए तो कल कोई सुनने वाला न होगा इसलिए अत्यंत आवश्यक है कि इस फैसले पर तुरंत रोक लगे फिर चाहे सरकार इसके लिए अध्यादेश लेकर आए या फिर कोई अन्य विकल्प खोजे।
यह उसी प्रकार का फैसला है जैसे 2018 में एससी, एसटी एक्ट के मामले पर फैसला दिया था। आंदोलन के बाद कोर्ट को वह फैसला वापस लेना पड़ा था। क्या यह निर्णय भी उसी दिशा में जायेगा? अभी भी समय है इसीलिए समय रहते ठीक से विचार कीजिए।
वहीं वरिष्ठ समाज सेवी, आदिवासी युवा नेता सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम ने कहा इस गंभीर प्रोपोगंडा के विरोध में दिनांक – 21 अगस्त 2024 को भारत सरकार के नाम एस. सी.एसटी सामाजिक संगठनों के द्वारा मण्डला जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।















